परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की कम संख्या का शिक्षक संघ ने बताया कारण

 परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की कम संख्या का शिक्षक संघ ने बताया कारण

 महराजगंज, परिषदीय विद्यालयों पर बच्चों की कम संख्या व कक्षाओं में बच्चों के गैप को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ ने बीएसए को पत्र देकर बच्चों की कम संख्या के कारण बताए हैं। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से बच्चों का नामांकन कराने पर जोर दिया है। संघ के जिलाध्यक्ष केशव मणि त्रिपाठी, मंत्री सत्येंद्र कुमार मिश्र, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बैजनाथ सिंह, संयुक्त मंत्री अखिलेश पाठक ने बच्चों की कम संख्या के चार वजह बताए हैं। इसमें बताया है कि पिछले दो वर्षों में उत्तीर्ण हुए छात्रों की संख्या अधिकतम है। उसके सापेक्ष नवीन नामांकित बच्चों की संख्या कम है।

इसलिए इनरोलमेंट गैप अधिक प्रदर्शित हो रहा है। ड्राप बाक्स में जो बच्चे दिख रहे हैं उनमें से बहुत से बच्चों का नामांकन किसी गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय व मदरसा में हुआ है लेकिन उनका यूडायस कोड नहीं होने के कारण पोर्टल से इंपोर्ट नहीं हो पा रहा है। ड्राप बाक्स में में कुछ ऐसे बच्चे भी पड़े हैं जो परिषदीय विद्यालयों से कक्षा पांच व आठ उत्तीर्ण कर प्राइवेट विद्यालयों में गए और उन विद्यालयों द्वारा उनका प्रवेश उत्तीर्ण की गई कक्षा से नीचली कक्षा में कर लिया गया है। ऐसे में ये प्राइवेट विद्यलय इनको इम्पोर्ट करने से कतरा रहे हैं। वहीं ड्राप बाक्स में कुछ ऐसे बच्चे भी हैं जिनका आधार के अभाव में अपार आईडी नहीं बन पा रहा है। जिससे इनका ड्राप बाक्स में डाल दिया गया। उन बच्चों को सभी प्रधानाध्यापक यथासंभव वापस इंपोर्ट कर दे रहे हैं। संघ के पदाधिकारियों ने बीएसए से मांग की है कि वह खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन कराने को आदेशित करें। शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव संघ बर्दाश्त नहीं करेगा। पहले तकनीकी कमियों को दूर किया जाय। इसके बाद शिक्षक दोषी हो तभी नोटिस दिया जाय।

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